मुंगेर गंगा पुल पर नई ट्रेनों के स्थायी संचालन की मांग संघर्ष समिति ने की।
वंदे भारत के बजाय अमृत भारत या नमो भारत चलाने का सुझाव।
रेल यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को लेकर पूर्वोत्तर बिहार रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। समिति के केंद्रीय संयोजक सुभाष चंद्र जोशी ने रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर मुंगेर गंगा घाट रेल पुल पर नई ट्रेनों के स्थायी संचालन की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि 3,800 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल पर नौ वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन केवल एक ट्रेन ही स्थायी रूप से चलाई जा रही है, जबकि अन्य ट्रेनें अस्थायी और साप्ताहिक रूप में संचालित हो रही हैं।
जोशी ने कहा, “यह स्थिति पूर्वोत्तर बिहार के लाखों यात्रियों के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के साथ खिलवाड़ है। मुंगेर-खगड़िया-बेगूस राय रेल मार्ग पर सभी ट्रेनों को तत्काल स्थायी रूप से चलाया जाए।” उन्होंने रेल मंत्री को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया कि इस पुल का निर्माण 2016 में पूरा हुआ था, लेकिन अपेक्षित ट्रेन सेवाओं का अभाव यात्रियों को प्रतिदिन परेशान कर रहा है। खासकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण उत्तर बिहार के इस हिस्से में रेल कनेक्टिविटी की कमी से लोगों को परेशानी हो रही है।
समिति के अनुसार, प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ के दौरान यह क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होता है, जिससे सड़क मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं। ऐसे में रेल मार्ग ही एकमात्र वैकल्पिक साधन है। जोशी ने सुझाव दिया कि वंदे भारत एक्सप्रेस के स्थान पर अमृत भारत या नमो भारत जैसी ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए, जो क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप होंगी। “ये ट्रेनें न केवल किफायती होंगी, बल्कि बाढ़ प्रभावित यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक साबित होंगी।
यह पुल मुंगेर को खगड़िया और बेगूसराय से जोड़ता है, जो पूर्वोत्तर बिहार को दक्षिण बिहार और कोलकाता से जोड़ने का महत्वपूर्ण द्वार है। सुभाष चन्द्र जोशी ने कहा कि अपर्याप्त ट्रेन सेवाओं के कारण यात्रीयों को लंबी दूरी तय करने में घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे आर्थिक और समय की हानि हो रही है।
खगड़िया विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। चुनाव की घोषणा शीघ्र होने की संभावना के बीच सभी कोषांगों में कार्य प्रारंभ हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को आदर्श आचार संहिता के प्रभावी पालन को लेकर सातों अंचलों के अंचलाधिकारी, थाना अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता आदर्श आचार संहिता प्रकोष्ठ की वरीय प्रभारी अपर जिलाधिकारी आरती ने की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि चुनाव के दौरान किसी भी स्थिति में आचार संहिता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों को बिना किसी दबाव के निष्पक्ष रूप से कार्य करना होगा। एडीएम आरती ने कहा कि प्रचार-प्रसार, रैली, बैनर, पोस्टर सहित सभी राजनीतिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए वरीय स्तर पर सूचना उपलब्ध कराई जाए।
प्रशिक्षण में आचार संहिता प्रकोष्ठ के नोडल पदाधिकारी, मुख्यालय उप पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहें और शांति सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास करें। क्या है एमसीसी कोषांग और इसका कार्य? एमसीसी कोषांग का मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना होता है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता का पूरी तरह पालन हो।
इसका उद्देश्य चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाना है। इस कोषांग द्वारा राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों की गतिविधियों की निगरानी,प्रचार-प्रसा र में निर्धारित नियमों का पालन कराना,सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर नजर रखना,सोशल मीडिया एवं विज्ञापन पर नियंत्रण,फ्लाइंग स्क्वॉड, निगरानी दल और वीडियो निगरानी की व्यवस्था सहित आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करना है।

