बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले खगड़िया के परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी घटना सामने आई है। आरोप है कि भरतखंड थाना क्षेत्र के मथुरापुर गांव में राजद समर्थक अमरेश सिंह की पुलिस ने देर रात पिटाई की। इस घटना के बाद राजद उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने प्रशासन और सत्ता पक्ष पर चुनावी साजिश का आरोप लगाया है। पीड़ित अमरेश सिंह ने बताया कि बीती रात करीब 70-80 पुलिसकर्मी गोगरी डीएसपी के नेतृत्व में उनके घर पहुंचे।
पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछा कि “क्या डॉ. संजीव कुमार ने आपको 2 करोड़ रुपए बांटने के लिए दिए हैं?” अमरेश सिंह के अनुसार, जब उन्होंने साफ कहा कि उनकी डॉ. संजीव कुमार से कभी मुलाकात नहीं हुई और उनके पास कोई रुपए नहीं हैं, तो पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकालकर पिटाई की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना किसी सबूत के उनके साथ अन्यायपूर्ण कार्रवाई की है। खगड़िया में RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार घायल समर्थक को अस्पताल लेकर पहुंचे।
खगड़िया में RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार घायल समर्थक को अस्पताल लेकर पहुंचे। लगातार मेरे कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा – राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार इस घटना पर राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने कहा, “लगातार मेरे कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। प्रशासन हमारे समर्थकों के घरों में छापेमारी कर उन्हें डरा रहा है। यह सब सत्ता के इशारे पर हो रहा है।
सम्राट चौधरी जहां तारापुर में भूमिहारों से वोट मांग रहे हैं, वहीं परबत्ता में उन्हीं भूमिहारों को निशाना बनाया जा रहा है। यह दोहरा चेहरा अब जनता देख रही है।” ‘नौकरी बचनी नहीं चाहिए’ उन्होंने आगे कहा, “मैं चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं। चुनाव के बाद भी मैं चुप नहीं बैठूंगा। जिन अधिकारियों ने मेरे कार्यकर्ताओं पर हाथ उठाया है, उनकी नौकरी बचनी नहीं चाहिए।” डॉ. संजीव कुमार ने परबत्ता विधानसभा के भूमिहार समुदाय से भी अपील की, “देख लीजिए, प्रशासन किस तरह हमारे कार्यकर्ताओं के साथ भेदभाव कर रहा है।
अब जवाब वोट की चोट से देना है ताकि उन्हें पता चले कि परबत्ता का बेटा संजीव कुमार किसी से डरने वाला नहीं है।” हमें इस घटना की कोई जानकारी नहीं – भरतखंड थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी वहीं दूसरी ओर, भरतखंड थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि, “हमें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। भरतखंड पुलिस ने किसी के साथ ऐसी कार्रवाई नहीं की है।” इस पूरे घटनाक्रम के बाद परबत्ता विधानसभा में चुनावी माहौल गरमा गया है।

