ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्र-छात्राओं का डाटा इंट्री करने में प्रधानाध्यापक की लापरवाही सामने आयी है। ऐसे लापरवाह प्रधानाध्यापक का वेतन स्थगित करते हुए जवाब माँगा गया है। सिर्फ रहिका प्रखंड में 40 से अधिक प्रधानाध्यापक की लापरवाही सामने आयी है। मालूम हो कि जिले के स्कूलों में बच्चों के दाखिला के लिए चलाए गये अभियान के बाद भी 468 स्कूलों में एक भी बच्चों का नामांकन नहीं हुआ है। जिले के 3284 स्कूलों में एक भी बच्चों का नामांकन नहीं हुआ है। इनमें ज्यादातर प्राइमरी स्कूल है। अंधराठाढ़ी में 67 स्कूलों में बच्चों का नामांकन शून्य है और एक दर्जन स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया काफी निराशाजनक है। यही हालत बाबूबरही, लदनियां, जयनगर, बिस्फी व अन्य प्रखंडों की है। पहली अप्रैल से नये शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही सभी सरकारी स्कूलों में दाखिला के लिए विशेष प्रवेशोत्सव अभियान का आगाज हुआ। 30 जून तक अभियान को चलाने का आदेश दिया गया था। इसके लिए एचएम, शिक्षक, शिक्षा सेवक, प्रखंड साधनसेवी और अन्य को डोर टू डोर भ्रमण कर अनामांकित बच्चों की पहचान करने और दाखिला दिलाने का निर्देश दिया गया था।
डीईओ जावेद आलम ने बताया कि ई शिक्षा कोष पर डाटा इंट्री नहीं करने वाले प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई होगी। साथ ही सभी बीईओ को इस सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है।

