समस्तीपुर नगर निगम के 200 से अधिक सफाई कर्मी नियमित वेतन के भुगतान नहीं होने से नाराज हैं। जो गुरुवार से हड़ताल पर चले गए हैं। जिस कारण शहर में कूड़े का उठा ठप पड़ा है। जगह-जगह गंदगी से राहगीर परेशान हैं। औसतन शहर में रोज 5 टन से अधिक कूड़ा निकलता है। कर्मियों ने काम बंद कर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की है।रास्ते से गुजर रहे विभूतिपुर के माकपा के विधायक अजय कुमार को भी सफाई कर्मियों ने घेर लिया।
अजय कुमार ने कहा कि सफाई कर्मियों को दो माह काम कराया जाता है और एक माह का वेतन दिया जाता है। यानी उन्हें साल में 6 महीने का ही वेतन मिल रहा है। ऐसी स्थिति में सफाई कर्मी का परिवार कैसे चलेगा। कहा मामला काफी गंभीर है। इसे सदन में उठाएंगे। जरूरत पड़ी तो सीएम से भी बात करेंगे।
3 तारीख को भुगतान का दावा किया था
सफाई कर्मियों का कहना था कि पूर्व की हड़ताल में यह समझौता हुआ था कि सफाई कर्मियों को महीना के 2 से 3 तारीख तक मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन दो-दो महीना होने पर एक महीना का भुगतान मिलता है। ऐसी स्थिति में परिवार कैसे चल सकता है, जबकि वे लोग काफी निम्न स्तर के कर्मी हैं। कूड़ा-कचरा उठाते हैं जिससे शहर स्वच्छ रहता है। सफाई कर्मियों ने कहा कि इस बार आर पार की लड़ाई होगी, जब तक सभी सफाई कर्मियों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो जाता सभी लोग आंदोलन पर रहेंगे।

