मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रदेश की 25 लाख लाभुक महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपए की दर से कुल 2500 करोड़ रुपए की राशि सीधे हस्तांतरित की। इस योजना के दूसरे चरण में जमुई की 43,471 महिलाओं के खाते में भी राशि भेजी गई। जमुई जिला मुख्यालय स्थित शिल्पा विवाह भवन में जिला प्रशासन द्वारा इस अवसर पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी नवीन की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में 600 से अधिक जीविका दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं। मुख्यमंत्री का संदेश पत्र भी वितरित कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राम दुलार, DPM जीविका संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में जीविका की महिलाएं उपस्थित थीं। जिला पदाधिकारी नवीन ने महिलाओं से संवाद कर उन्हें योजना की जानकारी दी और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री का संदेश पत्र भी वितरित किया गया।
जमुई की 43,471 महिलाओं के खातों में राशि भेजी महिलाओं ने सरकार के इस प्रयास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। DPM जीविका संजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार को योजना के दूसरे चरण में जमुई की 43,471 महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई है। अब तक कुल 1,59,699 महिलाओं को प्रथम किस्त उन्होंने यह भी बताया कि जिले में अब तक कुल 1,59,699 महिलाओं को प्रथम किस्त के रूप में दस हजार रुपए की सहायता राशि मिल चुकी है।
इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिले के सभी 10 प्रखंड मुख्यालयों, 31 संकुल स्तरीय संघों और 1313 ग्राम संगठनों में किया गया, जिसमें करीब ढाई लाख से अधिक महिलाएं प्रोजेक्टर, टीवी, टैब, लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से शामिल हुईं। परिवार की कम से कम एक महिला को स्वरोजगार से जोड़ना लक्ष्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि, ‘महिला रोजगार योजना का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार की कम से कम एक महिला को स्वरोजगार से जोड़ना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राशि अंतरण की अगली तिथियां तय कर दी गई हैं, ताकि हर लाभुक महिला को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ मिल सके। आपको बताते चलें कि इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर को की थी, जिसके तहत राज्य की 75 लाख महिलाओं को 7500 करोड़ रुपए की राशि DBT के माध्यम से दी गई थी। अब तक कुल 1 करोड़ महिलाओं को 10 हजार करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।’

