जमुई ने एक बार फिर पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है। अलीगंज प्रखंड के इस्लामनगर निवासी शैलेश कुमार ने नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है। उन्होंने पुरुषों की ऊंची कूद टी63/42 श्रेणी में 1.91 मीटर की छलांग लगाकर नया चैंपियनशिप रिकॉर्ड भी बनाया।
गोल्ड मेडल जीतने के बाद जब शैलेश जमुई लौटे, तो पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल मैदान के शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक श्रेयसी सिंह,जो खुद अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और गोल्ड मेडलिस्ट हैं, ने मंच पर शैलेश का सम्मानपूर्वक स्वागत किया।
‘घर पर और देशभर में खुशी का माहौल’
इस दौरान दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शैलेश ने कहा – ‘काफी अच्छा लग रहा है। घर पर और देशभर में खुशी का माहौल है। देश के लिए मेडल जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है,जो मैंने पूरा किया। इस सफलता में मेरे कोच, परिवार, दोस्त और टीम का बहुत बड़ा योगदान है। मैं सभी को धन्यवाद देता हूं और वादा करता हूं कि देश के लिए आगे भी मेडल जीतता रहूंगा।’ उन्होंने बताया कि अब उनका पूरा फोकस पैरा ओलिंपिक की तैयारी पर है। मैंने ट्रेनिंग शुरू कर दी है, लक्ष्य सिर्फ एक है ओलिंपिक में गोल्ड।
पेरिस की ठंड में हुआ बुखार
शैलेश ने याद किया कि पिछले ओलिंपिक में एक छोटी सी गलती से वह मैडल से चूक गए थे। हमारी तैयारी पूरी थी, लेकिन पेरिस की ठंड में मुझे बुखार हो गया। एक फॉल जंप के कारण मैडल हाथ से निकल गया। बहुत दुख हुआ, लगा सब खत्म हो गया। एक दो महीने घर पर ही रहे। मुझे नफरत जैसा फील होने लगा था खेल से,लेकिन फिर खुद को संभाला, जीरो से ट्रेनिंग शुरू की और आज गोल्ड जीतकर लौटा हूं।
शैलेश ने कहा, ‘दिल्ली में चैंपियनशिप होने से अपनापन महसूस हुआ। बिहार से कई लोग सपोर्ट के लिए आए थे। यहां का मौसम और इंडियन खाना भी अपने जैसा लगा। यही सब हमारे लिए बड़ा मोटिवेशन बना।’
विधायक श्रेयसी सिंह ने शैलेश को किया सम्मानित।
‘विधायक श्रेयसी सिंह से काफी प्रेरणा मिली’
जमुई में खेल मैदान के शिलान्यास पर शैलेश ने कहा कि पहले हमारे यहां खेल सुविधाओं की कमी थी, अब हालात बदल रहे हैं। सरकार अब खेलों को लेकर गंभीर है। इससे आने वाले समय में जमुई से कई खिलाड़ी निकलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक श्रेयसी सिंह से उन्हें काफी प्रेरणा मिली। गांव में रहते हुए जब न्यूज में उन्हें देखते थे, तो लगता था कि हमारे जिले की है,जो देश के लिए गोल्ड जीती है। उसी सपने ने मुझे भी आगे बढ़ने की हिम्मत दी।
मेहनत कीजिए, खेल को अपनाइए- शैलेश कुमार
शैलेश ने बताया कि ‘खेलो इंडिया – मैडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना से अब खिलाड़ियों को बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है। पहले स्टेट लेवल पर खेलते थे तो कुछ नहीं मिलता था। अब नेशनल में मैडल जीतने वालों को नौकरी मिल रही है। पिछले साल 71 खिलाड़ियों को नौकरी मिली, इस बार 87 को सम्मान मिला है। मैं खुद CDPO के पद पर कार्यरत हूं।
सरकार अब हर स्तर पर खिलाड़ियों का साथ दे रही है। जमुई के युवाओं से मेरा कहना है मेहनत कीजिए, खेल को अपनाइए और हमसे भी आगे जाइए। मेरा अगला लक्ष्य है ओलिंपिक में गोल्ड मेडल।

