जमुई के चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र के रामसिंहडीह गांव निवासी कारू पासवान और उनकी पत्नी करीना देवी ने अपने बेटे बमबम पासवान उर्फ आजाद पासवान के एक महीने से लापता होने के मामले में गुरुवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
उन्होंने बेटे की गुमशुदगी के पीछे साजिश का आरोप लगाया है। परिजनों ने एसपी विश्वजीत दयाल को सौंपे आवेदन में बताया कि उनका बेटा बीते 8 सितंबर से लापता है और अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
8 सितंबर के बाद से फोन ऑफ
कारू पासवान के अनुसार, 8 सितंबर की शाम लगभग 6 बजे बमबम ने कॉल कर बताया था कि उसे उसकी पत्नी निशा को विदा करने के लिए लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के कला बिसुनपुर गांव बुलाया गया है। वहां निशा का साला बिट्टू पासवान और उसकी सास सुनीता देवी उससे मिलने की बात कह रहे थे।
इसके बाद अगले दिन से बमबम का मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा और उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने उसकी तलाश में कई जगह संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
बेटे ने शादीशुदा महिला से प्रेम विवाह किया था।
2 बच्चों की मां से किया था प्रेम-विवाह
परिजनों ने बताया कि बमबम पासवान ने निशा नामक महिला से प्रेम विवाह किया था। निशा पहले से शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे भी थे। दोनों ने आपसी सहमति से शादी की थी, लेकिन निशा के परिवार वाले इस विवाह से नाराज थे। अगस्त में पंचायत के बाद निशा को उसके परिजन वापस ले गए थे।
परिजनों का आरोप है कि शादी का विरोध करने वाले ही अब षड्यंत्र के तहत बमबम को गायब कर चुके हैं। कारू पासवान ने आवेदन में बिट्टू पासवान, शुभम पासवान, सुनील पासवान और सुनीता देवी (सभी निवासी कला बिसुनपुर) पर संदेह जताया है।
मंत्री सुमित सिंह के आवास पर करता था काम
कारू पासवान ने यह भी बताया कि बमबम मंत्री सुमित सिंह के आवास पर कार्य करता था और वहीं फेसबुक के माध्यम से निशा से उसकी पहचान हुई थी। उन्होंने बताया कि बमबम की खोजबीन के लिए जब वे चंद्रमंडीह थाना गए, तो वहां आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया था।
परिजन ने निशा के पूर्व पति व अन्य परिजनों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को जांच में मदद के लिए सौंपे हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द युवक की तलाश की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि गरीब परिवार को न्याय मिल सके।

